Ek Massom – An innocent Child

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आज फिर देखा एक मासूम को खुद से ही लड़ते हुए..
ज़िन्दगी की तंग गलियों से होकर गुजरते हुए..

जिसकी हाथों में कलम नहीं शू-ब्रश था..

कन्धों पर स्कूल-बैग नहीं, जूतों की मरम्मत का सामान था…
उन निश्छल आँखों में कुछ उलझे से सवाल थे..
नन्ही सी उम्र में मिले अनुभवों के बड़े पहाड़ थे

चाह उसमें भी थी कुछ अलग कर गुजरने की…
अपने हुनर के साथ एक नयी दिशा में बढ़ने की…

बचपन के उन पलों को महसूस करने की…

माँ-बाप की प्यार भरी डांट पर सुबकने की..

कैनवास पर अपने सपनों की तस्वीर गढ़ने की..
और फिर अपने मनचाहे रंगों से उसे भरने की…

हां देखा उसे मैंने, राहों में आगे बढ़ते हुए…
ज़िन्दगी की तंग गलियों से होकर गुजरते हुए…

 

  • सत्यम्

 

 

Love Life

Sometimes life brings tears in our eyes, sometimes smile, sometimes pain and sometimes gain…But the best part about all this is that it let us feel alive….It let us feel different from machines…as it displays our emotions, our actions, our expressions and our interactions..

So, no matter how hard the life looks, just love it…As it is always beautiful with its different colours…

Always wear your pretty smile and be ready to face the challenges of life:)…..

Love U Zindagi…

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